अखिलेश यादव ने राहुल गांधी के समर्थन में ऐसा क्या कहा, लोकसभा स्पीकर ने बंद कराया माइक

लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान सोमवार को चीन सीमा मुद्दे पर तीखा विवाद छिड़ गया। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने डोकलाम घटना का जिक्र करते हुए पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की किताब और एक मैगजीन आर्टिकल का हवाला दिया। इस दौरान स्पीकर ओम बिरला ने नियमों का हवाला देकर राहुल को कई बार रोका, जिससे विपक्ष ने लोकतंत्र में चर्चा की स्वतंत्रता पर सवाल खड़े किए। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव ने राहुल गांधी का खुलकर समर्थन किया। वे उठकर बोले कि चीन का मुद्दा बेहद संवेदनशील है और देश की सुरक्षा से जुड़ा होने के कारण राहुल को अपनी बात पूरी तरह रखने दिया जाना चाहिए।
अखिलेश यादव ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि डॉ. राम मनोहर लोहिया, जॉर्ज फर्नांडिस और उनके पिता मुलायम सिंह यादव हमेशा चीन से सतर्क रहने की बात करते थे। उन्होंने जोर देकर कहा कि चीन ने पहले ही भारतीय जमीनों पर कब्जा किया है, इसलिए संसद में राष्ट्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय संबंधों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर खुली चर्चा लोकतंत्र की बुनियाद है। विपक्ष के पक्ष को सुना जाना जरूरी है ताकि देश के सामने सही तथ्य आएं। अखिलेश के इस बयान पर स्पीकर ने उनका माइक तुरंत बंद करा दिया, जबकि अन्य नेताओं की आवाजें जारी रहीं।
राहुल गांधी ने अपने बयान में दावा किया कि 4 चीनी टैंक भारतीय धरती पर लगभग 100 मीटर तक पहुंच गए थे, जिससे देश की सुरक्षा पर सवाल उठते हैं। कांग्रेस नेता ने सदन को गुमराह न करने की अपील करते हुए इसे पढ़ने की कोशिश की, लेकिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह सहित सत्ता पक्ष के नेताओं ने कड़ा विरोध जताया। उन्होंने किताब की प्रामाणिकता पर सवाल उठाए और सदन में हंगामा शुरू हो गया, जो करीब 46 मिनट तक चला। स्पीकर ओम बिरला ने नियमों का हवाला देकर राहुल को कई बार रोका, जिससे विपक्ष ने लोकतंत्र में चर्चा की स्वतंत्रता पर सवाल खड़े किए और भारी हंगामा हुआ।


