मंगेतर से बात के बाद नैनी जेल के बंदीरक्षक ने लगाई फांसी, अगले महीने थी शादी

प्रयागराज स्थित केंद्रीय कारागार नैनी में तैनात बंदीरक्षक पृथ्वीराज चौहान ने रविवार रात अपने कमरे में फांसी लगा ली। कुछ महीने पहले ही उसकी सगाई हुई थी और अगले महीने शादी होनी थी। कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस उसका मोबाइल फोन कब्जे में लेकर जांच कर रही है।
मऊ जिले के मोहम्मदाबाद गोहना के रहने वाले प्रभुनाथ चौहान का बड़ा बेटा 28 वर्षीय पृथ्वीराज चौहान 2021 से केंद्रीय कारागार नैनी में बंदीरक्षक पद पर तैनात था। वह चकदोंदी, प्रयागपुरम कॉलोनी में किराए के कमरे में अकेले रहता था। पृथ्वीराज को रविवार रात ड्यूटी पर जाना था, लेकिन काफी देर बाद भी वह नहीं पहुंचा। जेल प्रशासन ने कई बार फोन किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। जेल का एक सिपाही उसके कमरे पर बुलाने पहुंचा।
अंदर से कमरा बंद होने पर सिपाही ने रोशनदान से झांका, तो अंदर पृथ्वीराज फंदे से लटका दिखा। पुलिस ने दरवाजे तोड़कर शव को बाहर निकला और पोस्टमॉर्टम को भेज दिया। उधर, घटना की जानकारी मिलते ही परिजन भी रोते-बिलखते पहुंच गए। पृथ्वीराज चार भाई-बहनों में सबसे बड़ा था।
पृथ्वीराज परिवार का बड़ा बेटा था। पिता प्रभुनाथ टाइल्स का काम करते हैं। वह काम के सिलसिले में अक्सर प्रयागराज आते-जाते रहते थे। पिता प्रभुनाथ ने बताया कि रविवार दोपहर पृथ्वीराज ने बहन के मोबाइल पर वीडियो कॉल कर हालचाल पूछा था। यह भी पूछा था कि पापा कब आ रहे हैं। बातचीत सामान्य थी, किसी तरह की परेशानी का कोई संकेत नहीं मिला। परिजनों की मानें, तो पृथ्वीराज ने आखिरी बार अपनी मंगेतर से मोबाइल पर बात की थी। इसके बाद फोन बंद या रिसीव नहीं हुआ। देर रात मंगेतर की चिंता बढ़ी, तो उसने परिवार को जानकारी दी। परिजनों ने पड़ोसी को फोन कर पूछा, तो घटना की जानकारी हुई।


